ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
करीब 98 साल के लंबे इंतजार के बाद चालदा महासू देवता की पालकी 18 जून को खत रंगेऊ के कोटा तपलाड़ में प्रवेश करेगी। मंगलवार को खत बमठाड़ के नराया गांव में आयोजित बैठक में पालकी के यात्रा रूट को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में खत बमठाड़ के साथ ही कोटा तपलाड़, उपल गांव और रंगेऊ के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
खत बमठाड़ के सदर स्याणा प्रताप सिंह ने बताया कि वर्तमान में देव पालकी नराया गांव स्थित मंदिर में विराजमान है। 16 जून को नराया गांव से कोटा तपलाड़ के लिए प्रस्थान करेगी। 17 जून को पालकी रंगेऊ गांव पहुंचेगी। 18 जून को देव पालकी कोटा तपलाड़ पहुंचेगी।
देव पालकी को लेने के लिए करीब 450 लोग 15 जून को खत रंगेऊ से नराया गांव पहुंचेंगे। वहीं देव पालकी के आगमन को लेकर इन दिनों कोटा तपलाड़ में तैयारियां तेज हो गई हैं। देव पालकी यहां करीब चार साल प्रवास करेगी।
इस मौके पर प्रताप सिंह, बुध सिंह, अजब सिंह, परमानंद शर्मा, हरयराम, जवाहर सिंह, विजयपाल, दिनेश तोमर, संतराम चौहान, श्याम सिंह, टीकम सिंह, बचन सिंह, सूरत सिंह, अतर सिंह, सुंदर दत्त जोशी, खजान सिंह, नारायण सिंह, केशर सिंह मौजूद रहे।