ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
जीआईसी लाखामंडल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। फर्नीचर की कमी के चलते छात्रों को फर्श पर बैठ कर पढ़ाई करनी पड़ती हैं। स्कूल में बना शौचालय भी बदहाल है। इसके साथ ही स्कूल में राजनीतिक विज्ञान, संस्कृत, भूगोल, कला विषय के प्रवक्ता के पद रिक्त पड़े हैं। हिंदी और विज्ञान विषय के एलटी शिक्षकों का भी टोटा है। स्कूल को सुविधाओं से लैस करने की मांग पर जौनसार बावर जन कल्याण विकास समिति ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा कि स्कूल कांडोई भरम के 24 से अधिक गांवों का केंद्र बिंदु हैं। करीब 10 वर्ष पूर्व स्कूल को हाईस्कूल से इंटर में उच्चीकृत किया गया, लेकिन अब तक इंटर की कक्षाओं के संचालन के लिए भवन का निर्माण नहीं हो सका है। वर्तमान में स्कूल में 403 छात्र अध्ययनरत हैं। कक्ष कमी के चलते छात्रों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करनी पड़ती हैं। कहा छात्रों को डिजिटल इंडिया से रू-ब-रू करवाने के लिए लगाए गए कंप्यूटर भी खराब पड़े हैं। शौचालय के दरवाजे भी टूटे हुए हैं। इसके चलते छात्राओं को दिक्कतें पेश आती हैं। देखे रेख के अभाव में भवन की छत का प्लास्टर भी उखड़ने लगा है। बरसात में कमरों में पानी टपकने लगता है। दीवारों पर मोटी-मोटी दरारें पड़ी हैं। ज्ञापन भेजने वालों में बचना शर्मा, ओम प्रकाश, इंद्रा देवी, मनोज, अंकित, सूरत सिंह, नरेश आदि शामिल रहे।