फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अजनबी सी भीड़ में है सिर्फ मिट्टी के बदन...

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
विज्ञापन

साहित्य संगम पछवादून की ओर से शनिवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कैनाल रोड हरबर्टपुर में आयोजित इस काव्य गोष्ठी की शुरूआत साहित्यकार हेमचंद्र सकलानी ने मां को समर्पित रचना के साथ की। उन्होंने काव्य पाठ करते हुए कहा कि चुका सके तुम्हारा ऋण कोई, धारा पर नहीं कोई पुण्य कोई, पवन शर्मा ने उठ बिटिया चल बिटिया, अपना भाग्य बदल बिटिया की पंक्तियां पढ़ी।
विज्ञापन

यशपाल सजवान ने जब जिंदगी तेरे नाम हुई है, उस रोज से जहां में बदनाम हुई है, जब से सजी है मंडियां महानों के साये में, बस आबरू गरीब की नीलाम हुई है कि पक्तियां पढ़ खूब वाह-वाही लूटी। पुष्पेंद्र त्यागी ने अब कहां तो सूरमा हैं, अब कहां शान ए वतन, अजनबी सी भीड़ में है सिर्फ मिट्टी के बदन की पक्तियां पढ़ खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता गढ़वाल सभा हरबर्टपुर के अध्यक्ष संतोष रावत ने की। संचालन राजीव बडोनी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें