ब्यूरो/अमर उजाला/कालसी।
ब्लॉक सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित बीडीसी बैठक में ज्यादातर विभागों के अधिकारियों के न पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सदन में जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच सदन की कार्रवाई महज 10 मिनट ही चल सका। इसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया।
ब्लॉक प्रमुख अर्जुन सिंह ने बैठक में सक्षम अधिकारियों के न पहुंचने पर रोष जताया। कहा मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी। वहीं जिला विकास अधिकारी प्रदीप पांडेय ने सदन को अवगत कराया कि डोईवाला में भी बीडीसी बैठक का आयोजन होने के कारण ज्यादातर विभागीय अधिकारी वहां व्यस्त है। कहा दो ब्लॉकों में एक ही दिन बैठक का आयोजन न हो भविष्य में इसका ध्यान रखा जाएगा। जिसके बाद जनप्रतिनिधि शांत हुए। ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि जल्द ही बैठक का आयोजन किया जाएगा।
प्रधान संगठन के अध्यक्ष चरण सिंह चौहान ने कहा कि अक्सर सक्षम अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचते। जिसके चलते लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। जो कर्मचारी बैठक में आते हैं। उनको इतने अधिकार और जानकारी नहीं होती कि वह समस्याओं का समाधान कर सके। कहा पूर्व में भी सदन बैठक में अधिकारियों के न आने पर रोष जता चुके है। इसके बाद भी इक्का-दुक्का विभागों को छोड़ ज्यादातर विभागों के अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे, जो सदन का अपमान है। दुर्गम ब्लॉक होने के कारण ज्यादातर क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान कई किमी दूर से क्षेत्र की समस्या को लेकर बैठक में पहुंचते हैं, लेकिन ब्लॉक में आकर अधिकारियों के न मिलने से उन्हें ठेस पहुंचती है। कई ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अध्यक्ष की बात का समर्थन करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख अर्जुन सिंह चौहान, ज्येष्ठ उप प्रमुख दयाराम चौहान, कनिष्ठ उप प्रमुख खजान सिंह नेगी, प्रधान संगठन के सचिव रणवीर सिंह चौहान, पुष्पेंद्र त्यागी, ग्राम प्रधान रेखा देवी, सरोज जोशी, अमृता रोहिला, श्याम दत्त शर्मा, रोशनी चौहान, सुनीता देवी, बबलू, क्षेत्र पंचायत सदस्य भीम सिंह, अंतराम, भवानू देवी, लक्ष्मी देवी, सूरत सिंह, परमा, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल, जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके बर्नवाल, बाल विकास अधिकारी माया भटनागर आदि मौजूद रहे।