ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
जलस्रोतों में पानी का स्तर घटने से कालसी प्रखंड के गांवों में पानी का संकट होने लगा है। प्रखंड के करीब सात गांव ऐसे हैं जहां करीब एक माह से पानी की किल्लत है। लोगों को दो-तीन किमी दूर स्थित गाड-गदेरों से पानी ढोना पड़ रहा है।
करीब एक माह से प्रखंड के मथेऊ, उपरोली, अलसी, सुरेऊ, जेंदोऊ, देऊ और डिमऊ गांव में पानी का संकट बना हुआ है। इन गांव में बड़े से लेकर छोटे तक को पानी की व्यवस्था में लगना पड़ रहा है। गाड-गदेरों का दूषित पानी पीने से बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीण राजेंद्र सिंह बिष्ट, परम सिंह, हाकम सिंह, कलम सिंह, गोपाल सिंह आदि का कहना है कि जलस्रोत में पानी का स्तर हो रहा है। जिससे पानी की किल्लत हो गई हैं। विभाग में शिकायत के बाद भी अब तक पानी के ढुलान के लिए टैंकरों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। कपड़े और बर्तन धोने के लिए भी लोगों को दो से तीन किमी दूर जाना पड़ रहा है। पशुओं को पानी पिलाने के लिए खड्ड पर ले जाना पड़ रहा है।
एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में संबंधित विभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया था। यदि अब तक टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुचारु नहीं हुई है तो जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही शीघ्र टैंकरों से पानी की व्यवस्था की जाएगी।