ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा संचालन के प्रमुख केंद्र तीर्थनगरी ऋषिकेश में ही यात्रा व्यवस्थाएं मुकम्मल नहीं हो पाई हैं। बाजार से लेकर चारधाम बीटीसी परिसर तक व्याप्त अव्यवस्थाओं से तीर्थयात्रियों को तरह-तरह की दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा में तीर्थों के दर्शन को हर रोज हजारों श्रद्धालु तीर्थनगरी पहुंच रहे हैं। शहर में प्रवेश करते ही बाजार से लेकर चारधाम बस ट्रांजिट कंपाउंड तक जगह-जगह अतिक्रमण व गंदगी के ढेरों से परेशान होना पड़ रहा है।
नगर के विभिन्न बाजारों में व्यापारियों द्वारा सड़कों को घेरकर फैलाए गए सामान को यात्राकाल के लिए भी नहीं हटाया गया है, जिससे बाजारों में जगह-जगह जाम लग रहा है। यात्रा के शुरुआती दिनों में स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने अतिक्रमण को लेकर महज एक दिन औपचारिक अभियान चलाकर खानापूर्ति कर दी। अतिक्रमण की यही स्थिति बीटीसी परिसर में बनी हुई है। यहां यात्रा के मद्देनजर पसरे अतिक्रमण को हटाने का दावा प्रशासन की ओर से किया गया था, मगर इस मामले में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बीटीसी मार्गों पर माल वाहनों का संचालन जारी
ऋषिकेश। माल वाहक वाहनों का चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते पुलिस माल वाहक वाहनों का संचालन बीटीसी के प्रवेश व निकासी मार्गों पर करा रही है। सामान व निर्माण सामग्री से भरे ट्रक व ट्रैक्टर ट्रालियां हर रोज कंपाउंड के प्रवेश व निकासी मार्गों पर बेरोकटोक संचालित हो रही हैं। इतना ही नहीं बीटीसी को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाले एप्रोच रूट पर दिन भर माल वाहनों में लोडिंग-अनलोडिंग का सिलसिला जारी है। इससे बदरीनाथ, केदारनाथ धाम के यात्री वाहनों के साथ ही यहां से विभिन्न प्रांतों के लिए संचालित होने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का आवागमन भी बाधित हो रहा है।
नहीं बना गंगोत्री हाईवे एप्रोच रोड
ऋषिकेश। करीब छह साल से प्रस्तावित बीटीसी-गंगोत्री हाईवे एप्रोच रोड इस साल की यात्रा के लिए भी तैयार नहीं हो पाया है। बीते माह यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने तीर्थनगरी पहुंचे गढ़वाल आयुक्त व पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने यात्रा के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रा वाहनों की आवागमन की सुविधा के लिए मार्ग के डामरीकरण के निर्देश दिए थे, मगर निगम ने यात्रा शुरू होने के पखवाड़ा भर बीत जाने के बाद भी इसे तैयार नहीं किया। लिहाजा उक्त धामों के वाहन देहरादून रोड होते हुए भेजे जा रहे हैं।