ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी।
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के दोस्त और उद्योगपति संजय नारंग के भवन डेहलिया बैंक पर एक बार फिर लंढौर कैंट की जेसीबी गरजी। जेसीबी से भवन में किए गए अवैध निर्माण को धवस्त किया गया। कैंट बोर्ड की कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में अफरातफरी मची रही।
शनिवार को लंढौर कैंट की टीम ने नायब तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में धवस्तीकरण की कार्रवाई की। पूर्व में की गई कार्रवाई बाद बचे अवैध निर्माण को जेसीबी से धवस्त किया गया। गौरतलब है कि उद्योगपति संजय नारंग के भवन डहलिया बैंक में अवैध निर्माण किया गया था। जिस पर छावनी परिषद ने ध्वस्तीकरण करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन संजय नारंग हाईकोर्ट चले गए थे, लेकिन वहां से छावनी परिषद के पक्ष में फैसला आया। उसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय ने भी सही बताया और भवन के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। जिस पर पिछले साल विगत तीन अक्तूबर को छावनी परिषद् की ओर से संजय नारंग के भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई काफी दिनों तक चली थी। जिसमें मुख्य भवन और गेट तोड़ा गया था।
दूसरे भवन को बचाने के लिए संजय नारंग फिर हाईकोर्ट चले गए। छावनी परिषद ने हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा और दस जनवरी 2018 को हाईकोर्ट ने छावनी परिषद के पक्ष में निर्णय दिया। अब स्टे खत्म होने पर शनिवार को डहलिया बैंक के शेष बचे अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नायब तहसीलदार दयाराम और पुलिस की मौजूदगी में शुरू की गई। छावनी परिषद के सीईओ जाकिर हुसैन ने बताया कि छावनी परिषद ने हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई शुरू की है। बताया कि भवन का और भी हिस्सा अभी ध्वस्त किया जायेगा। इस दौरान धवस्तीकरण की कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। इस दौरान छावनी परिषद के कार्यालय अधीक्षक सीबी लखेड़ा, एसआई योगेश खुमरियाल आदि मौजूद रहे।