ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
तहसील मुख्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के नहीं बैठने पर शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने तहसील परिसर में जमकर हंगामा किया। उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रताप रावत के नेतृत्व में तहसील परिसर पहुंचे। जहां महज रजिस्ट्रार कानूनगो और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा केंद्र कर्मी ही कार्यालय में मौजूद थे। शेष कुर्सियां खाली पड़ी थी। इस पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यसमिति सदस्य प्रताप रावत ने कहा कि लंबे समय से ग्रामीण तहसील परिसर में कर्मियों के न बैठने की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। एसडीएम देहरादून रहते हैं और सहूलियत के हिसाब से कालसी से ही तीनों तहसील का काम देखते हैं। अधिकारियों के उपेक्षापूर्ण रवैये से लोग परेशान है। क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना होने पर तहसील प्रशासन को उसकी जानकारी नहीं होती। हादसे वाली जगह तक पहुंचने में कर्मियों को चार से छह घंटे लग जाते हैं। कहा एसडीएम के कालसी, त्यूनी और चकराता तहसील में बैठने के लिए दिन निर्धारित किए जाने चाहिए। छात्र केवल सिंह ने कहा कि हाल ही में उनका सरकारी नौकरी के लिए चयन हुआ है। वेरिफिकेशन के लिए वह तीन दिन से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार पटवारी द्वारा कल आने की बात कहकर टरकाया जा रहा है। हंगामा करने वालों में तीर्थ कुकरेजा, वीरेंद्र, विक्रम शाह, यशपाल सिंह, सतीश चौहान, विजय सिंह, सूर्यपाल, कलम सिंह, विजय, रणवीर, कुंवर सिंह, भाग सिंह, सबल सिंह आदि शामिल रहे।