ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ का निजी स्कूलों की मनमानी व शासनादेश के उल्लंघन के विरोध में आमरण अनशन बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अनशनकारी महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन, अंशुमान भंडारी व हरिराम वर्मा ने कहा कि जब तक शिक्षा विभाग पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाता और अभिभावकों से वसूली गई शुल्क वृद्धि और कॉशन मनी वापस नहीं कराता वह अपना अनशन जारी रखेंगे। दूसरे दिन दलजीत सिंह और सौरभ शर्मा अनशन पर बैठे। इस दौरान एसपीएस राजकीय चिकित्सालय की टीम ने धरनास्थल पर पहुंचकर आमरण अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
संयोजक जैन ने कहा कि निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के साथ ही निजी प्रकाशकों की किताबें भी अभिभावकों से जबरदस्ती खरीद कराई जा रही हैं। इसका विरोध करने वाले अभिभावकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इस दौरान अनशन स्थल पर पहुंचकर सौरभ शर्मा, बलजीत सिंह, बलराम शाह, संजय वर्तवाल, सचिन ठाकुर, सुनील गुप्ता, शिवमोहन मिश्र, अनूप सिंह, इंदू कुकरेती, ऊषा भंडारी, देवेश्वर रतूड़ी, मुकेश चौधरी, डॉ. राजे नेगी, संगीता नागर, सीमा खुराना, अश्वनी गुप्ता, मधु जोशी, पंकज पोरवाल, अभिषेक शर्मा, प्रवेश गोयल, दिनेश व्यास, परमेश्वर राजभर, राम चौबे, विनीत जैन, देवेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार, रामकुमार अग्रवाल आदि ने आंदोलन को समर्थन दिया।
कई संगठन समर्थन में आए आगे
महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने के लिए नगर क्षेत्र के कई सामाजिक संगठन आगे आए हैं। इनमें सामाजिक संस्था मैती, व्यवस्था परिवर्तन मंच, फीड वॉल फाउंडेशन, लायंस क्लब डिवाइन, नारी स्वाभिमान ट्रस्ट, सारथी सामाजिक संस्था, जनजागरुक मंच मायाकुंड, मां शक्ति महिला संगठन चंद्रेश्वरनगर आदि संस्थाओं ने समर्थन दिया। इसके अलावा कांग्रेस एससी एसटी प्रकोष्ठ, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने भी महासंघ को समर्थन की घोषणा की है।