ब्यूरो/अमर उजाला
कालसी।
बुद्ध पूर्णिमा पर विभिन्न प्रांतों के बौद्ध अनुयायियों ने कालसी स्थित अशोक शिलालेख की परिक्रमा कर विश्व कल्याण की कामना की। उन्होंने बौद्ध उत्सव मेला समिति की ओर से आयोजित मेले में भी प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्ध धर्म गुरु अनंत सागर ने मंत्र उच्चारण के साथ किया। उन्होंने कहा कि भारत महात्मा बुद्ध की धरती है। महात्मा बुद्ध के बताए उपदेशों और संदेशों का पालन कर भारत फिर से विश्व गुरु बन सकता है। आज पूरे विश्व में कई देशों के बीच युद्ध के हालत बने हुए हैं। ऐसे में सिर्फ बुद्ध का शांति का संदेश ही विश्व में शांति कायम कर सकता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई। ऐसे में यह दिन बौद्ध अनुयायियों के लिए खास है।
कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद गुरुदयाल सैनी ने कहा कि सम्राट अशोक का साम्राज्य बहुत बड़े भू-भाग में था। उत्तर भारत में उन्होंने सिर्फ कालसी को ही बुद्ध के संदेशों से अवगत कराने के लिए उपयुक्त पाया। उन्होंने बुद्ध के संदेशों और उपदेशों को आत्मसात करने की बात कही।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री वीरेंद्र सैनी, उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के दौलत कुंवर, बसपा नेता गिरीश कुमार, मेला संयोजक जितेंद्र सिंह चौधरी और यशपाल सिंह चौधरी ने भी विचार व्यक्त किए। मेले में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बौद्ध अनुयायियों ने शिरकत की।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त जगदीश चंद कुशवाहा, अशोक चारवाहा, राधेश्याम कुशवाहा, डॉ. सुरेंद्र सैनी, रविंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।