ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
केंद्र सरकार की ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर योजना ऋषिकेश में जल्द ही धरातल पर उतरेगी। ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय में ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर तैयार करने के लिए प्रथम चरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। वन विभाग से एक हेक्टेयर भूमि पर अत्याधुनिक ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए एनओसी मिलने में विलंब है, अनापत्ति प्रमाण-पत्र मिलने के बाद योजना का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।
योजना के तहत प्रथम चरण में भूमि चयन, आकार, वातावरण आदि कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इसमें एक हेक्टेयर वन भूमि पर ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खुलने पर अधिकारियों की सहमति बनी है। इसके लिए परिवहन विभाग ने एआरटीओ कार्यालय ऋषिकेश के समीप भूमि का सर्वे भी कर लिया है। सेंटर खोलने के लिए परिवहन विभाग को पर्याप्त भूमि नहीं मिल पाई, जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने एआरटीओ कार्यालय के पास वन विभाग की भूमि को सेंटर के लिए उपयुक्त माना। वन भूमि पर ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए एक हेक्टेयर भूमि की एनओसी की प्रक्रिया की जा रही है।
आधुनिक तकनीकी के साथ सीखेंगे वाहन
ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर में चालक आधुनिक तकनीक के साथ वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेंगे। सेंटर खुलने के बाद लोग हल्के मोटर वाहन के साथ ही भारी वाहन चलाने की भी ट्रेनिंग ले सकेंगे।
रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी
ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं को विशेषज्ञों की देखरेख में वाहन चलाने की बारीकियां बताई जाएंगी। साथ ही यातायात के नियमों की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। सेंटर खुलने से युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान हो सकेंगे।
जल्द परवान चढ़ेगी योजना
ऋषिकेश जैसे पर्यटक व तीर्थ स्थल के लिए ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर योजना बहुत ही महत्वपूर्ण है। ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोलने में आ रही समस्याओं को जल्द दूर कर योजना को धरातल पर लाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
- प्रेमचंद अग्रवाल, क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष।
ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए पहले चरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। सेंटर खोलने के लिए वन विभाग से परिवहन विभाग को भूमि ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है। सारी प्रक्रिया पूरी होते ही दूसरे चरण का कार्य शुरू हो पाएगा।
- डॉ. अनीता चमोला, एआरटीओ ऋषिकेश।