ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर/सेलाकुई।
जिला पूर्ति विभाग और प्रशासन के दावों के बावजूद सेलाकुई क्षेत्र में सिलिंडरों की अवैध रीफिलिंग पर रोक नहीं लग पा रही है। आबादी क्षेत्रों के बीच में करीब 50-60 से अधिक दुकानों में सिलिंडरों की अवैध रीफिलिंग की जाती है, लेकिन जिम्मेदारों महकमों का कार्रवाई का कोई असर नहीं हो रहा है।
विकासनगर और सेलाकुई क्षेत्र के जमनपुर, पीठवाली गली, कैंप रोड, प्रगति विहार रोड, निगम रोड, हरिपुर रोड, बाया खाला, बहादरपुर रोड, औद्योगिक क्षेत्र, शिवपुरी आदि क्षेत्रों में अवैध रीफिलिंग का कारोबार खूब तेजी से चल रहा है। अवैध रीफिलिंग करने वाले रसोई गैस के सिलेंडरों से दो और पांच किलो के सिलेंडरों में गैस भर कर मनमाने दाम पर बेचते हैं। इससे जहां लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। वहीं रसोई गैस सिलिंडरों में जमकर घटतौली हो रही है। इसके बावजूद जिला पूर्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन इस ओर से आंखें मूंदे हुए है।
एक सिलेंडर पर 700 की कमाई
अवैध रीफिलिंग करने वाले गैस एजेंसी कर्मियों से सांठगांठ किए रहते हैं। वे एजेंसी कर्मियों से ब्लैक में 1000 रुपये तक घरेलू सिलेंडर खरीदते हैं। सिलेंडर में 14.2 किलो गैस रहती है। इसके बाद अवैध रीफिलिंग करने वाले रसोई गैस सिलिंडर से छोटे सिलेंडरों में भरकर 100 से 110 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचते हैं। इस तरह से धंधेबाज हर सिलेंडर पर करीब 700 से 850 रुपये की कमाई कर लेते हैं।
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जल्द ही टीम गठित कर क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडरों से अवैध रीफिलिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
विपिन कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी