श्रीनगर। उत्तराखंड ज्योतिष परिषद और मां ज्वाल्पा ज्योतिष केंद्र की पहल पर दो दिवसीय अखिल भारतीय ज्योतिष प्रतिभा सम्मान समारोह शुरू हो गया है। इस दौरान ज्योतिषों ने कहा कि हस्त रेखाओं में जातक का भविष्य छिपा होता है। वहीं हस्त रेखा विशेषज्ञ लेखराज शास्त्री को इस मौके पर लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रविवार को ज्योतिष निशुल्क जन्म पत्रियां देखेंगे।
शनिवार को बिड़ला परिसर स्थित एसीएल हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंडित लेखराज ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र से ही संस्कार मिलते हैं। ज्योतिष शास्त्र भारत वर्ष की अमूल्य धरोहर है और किसी देश का गौरव उसकी संस्कृति है। विशिष्ट अतिथि प्रो. आरएन गैरोला ने कहा कि ज्योतिष के पहलू वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित होते हैं। हस्त रेखा विद्वत राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित अखिलेश चंद्र चमोला ने कहा कि हाथ की रेखाओं में जातक का भविष्य छुपा होता है। हाथ की रेखा मनुष्य के भूत, भविष्य और वर्तमान का दर्पण होती है। ज्योतिषाचार्य भाष्कर अंथवाल ने ज्योतिष शास्त्र को विज्ञान बताया। इस अवसर पर प्रो. अजय नेगी, साहिबा जैन, नित्यानंद जोशी, विवेकानंद, सुरेश बहुगुणा व कृष्ण बल्लभ शास्त्री आदि मौजूद थे।