श्रीनगर। राजकीय इंटर कॉलेज मरखोड़ा नृत्यांगना डा. मीरानंदा ने बच्चों को शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने अपने नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध किया।
स्पिक मैके संस्था के सौजन्य से स्कूली चैप्टर के अंतर्गत बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार से सम्मानित नृत्यांगना डा. मीरानंदा ने इंटर कॉलेज मरखोड़ा के बच्चों को शास्त्रीय नृत्य के बारे में बताया। शुक्रवार को डा. मीरानंदा ने भरतनाट्यम, कथकली, कथक, ओडिसी, मणिपुरी मोहिनीअट्टम और कुचिपुड़ी कुटियाटम के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि शास्त्रीय नृत्य संस्थापक महान संत श्रीमनता शंकरदेव हैं। यह नृत्य परंपरागत रुप से केवल मठों में दैनिक अनुष्ठान के लिए किया जाता है। आयोजन का संचालन प्रवेश चंद्र चमोली एवं महेश गिरि ने संयुक्त रुप से किया। इस मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य कैलाश पुंडीर, देवेंद्र सिंह रावत, दुर्गेश मोहन बर्त्वाल, कल्पेश्वर दत्त सेमवाल, जय प्रकाश डिमरी, अनिल थपलियाल करण सिंह मेवाड़, सुनील बहुगुणा, बबीता भूषण, आशा नेगी व रमा चमोली आदि मौजूद थे।