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सरकार की कमजोर पैरवी के खिलाफ खोला मोर्चा

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- तहसील मुख्यालय में नारेबाजी कर प्रदेश सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
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- राज्यपाल को ज्ञापन भेज कोर्ट में दुबारा से मामले की पैरवी करने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
जनसंघर्ष मोर्चा ने सेवा नियमितीकरण नियमावली के रद्द होने पर सरकार की कमजोर पैरवी का विरोध किया। बृहस्पतिवार को उन्होंने तहसील मुख्यालय में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कोर्ट में दुबारा से मामले की पैरवी करने की मांग की। मांग के समर्थन में उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
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मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार की कमजोर पैरवी के कारण ही कोर्ट ने नियमावली को रद्द कर दिया। जिससे प्रदेश के 40 हजार संविदा/दैनिक वेतनभोगी और तदर्थ कर्मचारियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यदि, सरकार मामले में मजबूत पैरवी करती तो नियमावली निरस्त होने की नौबत नहीं आती। कहा वर्ष 2000-2002 में महाधिवक्ता कार्यालय में तैनात तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मी महज दो-चार महीने के भीतर ही नियमित हो सकते हैं तो संविदा कर्मी पांच साल की सेवा पूर्ण होने के बाद भी नियमित क्यों नहीं हो सकते हैं। प्रदर्शन करने वालों में महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, ओपी राण, जयदेव नेगी, प्रेम सिंह, एम अंसारी, रूप चंद, कुलभूषण, रवि भटनागर, शेर सिंह चौधरी, सुषमा, विमला आर्य, हाजी जामिन, मोहम्मद यासीन, सुखदेव सिंह, जयपाल सिंह, कुंवर सिंह नेगी, नत्थी सिंह पंवार, सचिन कुमार, घनानंद ध्यानी, मनोज राय, जयकृत नेगी, प्रवीण शर्मा, पारितोष सरकार, जगत सिंह नेगी आदि शामिल रहे।
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