जोशीमठ। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब का मुख्य यात्रा पड़ाव जोशीमठ अभी से पानी की समस्या से जूझ रहा है। यहां जल संस्थान की ओर से पेयजल टंकियों पर रंग-रोगन का कार्य तो पूरा कर दिया गया है, लेकिन पानी के बिना टंकी सूखी पड़ी हैं। जोशीमठ में प्रतिदिन तीन एमएलडी पानी की खपत होती है, लेकिन जोशीमठ पेयजल योजना से मात्र डेढ़ एमएलडी (मिलियन लीटर डे) पानी ही सप्लाई हो रहा है। अभी यह स्थिति है तो चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को भी पेयजल किल्लत से जूझना पड़ सकता है।
जोशीमठ के नृसिंह मंदिर और मुख्य बाजार के सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट सूखे पड़े हैं। बदरीनाथ स्टैंड पोस्ट पर अभी पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन पानी की मात्रा कम है। वहीं, पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती ने जोशीमठ के लिए नई पेयजल योजना के निर्माण की मांग उठाई। कहा गया कि एनटीपीसी की ओर से जल संस्थान को पेयजल योजना निर्माण के लिए 35 लाख रुपये भी मुहैया करा दिए गए हैं, लेकिन विभाग की ओर से योजना निर्माण में देरी की जा रही है। जल संस्थान के अवर अभियंता संदीप आर्य ने कहा कि यात्राकाल में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। तीर्थयात्रियों को लोगों को पानी की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।