कर्णप्रयाग। गाड़ू घड़ा यात्रा का द्वितीय चरण 27 अप्रैल से शुरू होगा। 27 अप्रैल को डिम्मर के लक्ष्मी नारायण मंदिर से प्रस्थान कर यात्रा जोशीमठ, पांडुुकेश्वर होते हुए 29 अप्रैल को सुबह बदरीनाथ मंदिर पहुंचेेगी। यात्रा को भव्य और परंपरागत रूप देने के लिए डिम्मर में तैयारियां तेज हो गई हैं।
यात्रा की तैयारियों पर चर्चा करते हुए डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत में यात्रा को भव्य बनाने निर्णय लिया गया। कहा गया कि 27 अप्रैल को लक्ष्मी-नारायण मंदिर से महाभिषेक पूजा और भोग के बाद यात्रा सुबह 9 बजे विद्यापीठ बस्ती, सिमली, कर्णप्रयाग, पाखी होते हुए रात्रि प्रवास को नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगी। 28 को शंकराचार्य की गद्दी और यात्रा जोशीमठ से योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी। 29 अप्रैल को गाडू घड़ा यात्रा शंकराचार्य की गद्दी, उद्धव जी और कुबेर भगवान की डोली योगध्यान मंदिर पांडुुकेश्वर से रात्रि प्रवास के लिए श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे। 30 अप्रैल को प्रात: 4.30 बजे विधि-विधान से भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलने पर गाडू घड़ा, उद्धव जी की डोली, कुबेर भगवान की डोली को वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रतिस्थापित कर दिया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष राकेश कुमार डिमरी, सचिव राजेंद्र प्रसाद डिमरी, डिम्मर-उमट्टा पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, रविग्राम-पाखी पंचायत के अध्यक्ष ज्योतिष डिमरी, डा. भुवनेश्वर प्रसाद डिमरी, टीका राम डिमरी, पंकज डिमरी, अनुज डिमरी, जीपी डिमरी, संजय डिमरी, प्रकाश चंद्र और दिनेश चंद्र आदि ने विचार रखे।