गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम की यात्रा में पहली बार तीर्थयात्री गढ़वाली व्यंजनों का स्वाद भी चखेंगे। चमोली जिला प्रशासन की ओर से धाम में स्टॉल लगाकर तीर्थयात्रियों को गढ़वाली व्यंजन परोसा जाएगा। स्टॉल में झंगोरे की खीर, पतूड़ी, मंडुवे की रोटी, भटवाणी, चुरक्वाणी, राजमा की दाल, कड़ी और कौंणी मिलेगा। प्रति थाली की कीमत 60 रुपये निर्धारित की गई है।
चमोली जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक फसलों का उत्पादन किया जाता है। राज्य के बाहरी क्षेत्रों में भी यहां के उत्पादन की बड़े स्तर पर मांग बढ़ी है। इस बार जिला प्रशासन ने बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों को पहाड़ी व्यंजन परोसने की योजना बनाई गई है। डीएम आशीष जोशी का कहना है कि बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों को प्रसाद के रूप में चौलाई के लड्डू और पहाड़ी व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे। बदरीनाथ मंदिर के समीप ही स्टॉल लगाकर तीर्थयात्रियों को खाना मुहैया कराया जाएगा।
एक रात में 15000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था
डीएम आशीष जोशी ने बताया कि बदरीनाथ धाम में एक रात में 15000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने पर पांडुकेश्वर में गेट सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। रात आठ बजे के बाद किसी भी वाहन को बदरीनाथ के लिए नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन चारधाम यात्रा के दौरान जिले में 35000 तीर्थयात्री व पर्यटक पहुंचते हैं, जिसे देखते हुए बदरीनाथ और यात्रा पड़ावों पर पानी, बिजली, संचार और स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था कर दी गई है।