श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासन की ओर से वित्त अधिकारी को क्लीन चिट दिए जाने के निर्णय को शिकायतकर्ताओं ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के विरुद्ध बताया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि शिकायत गलत पाई गई है तो नियमानुसार विवि प्रशासन को उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही वित्त अधिकारी भी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं।
गढ़वाल विवि प्रशासन ने वित्तीय अनियमितताओं का आरोप झेल रहे वित्त अधिकारी डा. पद्माकर मिश्र को क्लीन चिट दे दी है। इस संबंध में विवि प्रशासन ने एमएचआरडी के उप सचिव को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है। पत्र में लिखा गया है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट का पुननिर्रीक्षण करने व वित्त अधिकारी के पक्ष को जानने के बाद आरोपों को सही नहीं पाया गया है। पत्र में कहा गया है कि वित्त अधिकारी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनने पर क्लीन चिट दी गई है।
वहीं वित्त अधिकारी डा. मिश्रा पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाने वाले विवि के सिस्टम मैनेजर संजीव श्रीवास्तव ने निर्णय पर सवाल उठाए हैं। श्रीवास्तव का कहना है कि विवि प्रशासन जिस रिपोर्ट का पुनर्निरीक्षण करने की बात कहा रहा है, वह उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। कहा कि उन्हें इस बात की पूरी आशंका है कि रिपोर्ट के विरुद्ध निर्णय लिया गया है। श्रीवास्तव ने कहा कि जांच कमेटी के नियमों में लिखा गया था कि यदि आरोप सही नहीं पाए गए तो शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई की जाएगी। अगर शिकायत गलत पाई गई है तो विवि प्रशासन को उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं वित्त अधिकारी डा. मिश्रा ने कहा कि मानहानि का मुकदमा करना या न करना उनका अपना विवेक है।