जोशीमठ। हेमकुंड साहिब में अभी भी चार फीट तक बर्फ जमीं हुई है। वहीं अटलाकुटी से हेमकुंड साहिब तक तीन किलोमीटर के आस्था पथ पर पांच से छह फीट तक बर्फ जमीं हुई है। हेमकुंड साहिब का निरीक्षण कर लौटे गुरुद्वारा कमेटी के दल ने यह जानकारी दी। गुरुद्वारा कमेटी ने बताया कि 25 अप्रैल से बर्फ हटाने का काम शुरू होगा।
हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को सुबह नौ बजे श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। बीते मंगलवार को गोविंदधाम गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह के नेतृत्व में हेमकुंड गए दल ने घांघरिया और हेमकुंड साहिब में बर्फ से हुए नुकसान का जायजा लिया। वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब में विगत वर्ष के मुकाबले बर्फ कम जमीं हुई है। हेमकुंड सरोवर अभी भी बर्फ से जमा हुआ है। हेमकुंड साहिब में करीब चार फीट और आस्था पथ पर तीन किलोमीटर तक पांच से छह फीट तक बर्फ जमीं हुई है। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को 418 इंजीनियर कोर के 40 जवान हेमकुंड यात्रा पथ से बर्फ हटाने का काम शुरू करेंगे। हेमकुंड में रुक-रुककर अभी भी बर्फबारी हो रही है, जिससे यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है।