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मुख्यमंत्री की फ्लीट के समक्ष नारेबाजी करने पर शांति भंग का नोटिस-compat

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श्रीनगर। मुख्यमंत्री की फ्लीट की ओर बढ़कर नारेबाजी करने पर 12 आंदोलनकारियों को शांतिभंग के आरोप में नोटिस भेजा गया है। आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश होने को कहा गया है।
19 मार्च को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत यहां चौरास मोटर पुल और मेडिकल कालेज में टेली मेडिशन सुविधा के शुभारंभ के लिए पहुंचे थे। इस दौरान प्रगतिशील जनमंच के आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री की फ्लीट के समक्ष अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की थी। एसडीएम कोर्ट से जारी नोटिस में कहा गया है कि जब मुख्यमंत्री की फ्लीट संयुक्त चिकित्सालय के समीप से गुजर रही थी, तब वहां मौजूद प्रगतिशील जन मंच के आंदोलनकारियों ने फ्लीट की ओर बढ़ते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। हालांकि मौके पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात होने से वे आगे नहीं बढ़ पाए और आंदोलनकारियों को फ्लीट तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
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नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि आंदोलनकारियों को रोका नहीं जाता तो मुख्यमंत्री की फ्लीट में बाधा पहुंच सकती थी और शांति एवं कानून व्यवस्था भंग हो सकती थी। कोतवाली पुलिस ने वहां मामले में कार्रवाई करते हुए शांतिभंग के आरोप में करीब 12 लोगों का चालान किया था। अब एसडीएम कोर्ट से सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर कोर्ट में पेश होने को कहा गया है।
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इनको भेजा गया है नोटिस
श्रीनगर। प्रगतिशील जन मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी, जेपी पुरी, जगदंबा प्रसाद रतूड़ी, सुधाकर भट्ट, झाबर सिंह रावत, शकुंतला देवी, सदानंद पुरी, विमला कोठियाल, धुर्वी बंगवाल, अतुल सती, सुमित रिंगवाल, प्रवीण भंडारी को शांतिभंग के आरोप में नोटिस भेजा गया है।
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