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एम्स में गायनेकोलॉजी और रेडियोथैरेपी विभाग सबसे स्वच्छ

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा रविवार को संपन्न हो गया। इस दौरान संस्थान के गायनेकोलॉजिस्ट और रेडियोथैरेपी विभाग को सबसे स्वच्छ ओपीडी व आईपीडी सम्मान से नवाजा गया। पखवाड़े में अहम भूमिका निभाने वाले सफाई कर्मचारियों को पुरस्कार भेंटकर सम्मानित किया गया। रविवार को एम्स में आयोजित स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. राकेश वत्स ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि जहां स्वच्छता होती है, देवता वहीं वास करते हैं। लिहाजा, स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान देना सभी का कर्तव्य बनता है।
एम्स के निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने कहा कि स्वच्छता महज एक पखवाड़े तक सीमित नहीं रहकर सतत चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए। इससे न सिर्फ संक्रमण नियंत्रित होता है, बल्कि दवाईयों और इलाज पर होने वाले खर्च में भी कटौती होती है। कहा कि हमें बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता की आदत डालनी चाहिए, ताकि वह बड़े होकर इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकें। इस दौरान पखवाड़े में अहम भूमिका निभाने पर सफाई कर्मचारियों को पुरस्कार भेंटकर सम्मानित किया गया।
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संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि एक से 15 अप्रैल तक चले पखवाड़े में चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मरीजों व उनके तीमारदारों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया। बताया गया कि पखवाड़े के तहत अस्पताल, कॉलेज, आवासीय परिसर और हॉस्टल में लगातार स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर डीन प्रोफेसर सुरेखा किशोर, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. मुकेश त्रिपाठी, प्रो. बीना रवि, प्रो. सुधीर सक्सेना, प्रो. सौरभ वार्ष्णेय, प्रो. सुरेश शर्मा, डा. सतीश रवि आदि मौजूद थे।

स्वच्छता पर एम्स को मिले 50 लाख
एम्स ऋषिकेश में आयोजित स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में अपर सचिव डॉ. राकेश वत्स ने बताया कि केंद्र सरकार के कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत देश में स्वच्छ अस्पताल के लिए एम्स ऋषिकेश को 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने साफ-सफाई के मुकम्मल इंतजामों के लिए संस्थान के निदेशक और तमाम चिकित्सकों, प्रोफेसर, अधिकारियों व कर्मचारियों को हौंसलाफजाई की है। बताया गया कि इसके लिए केंद्र सरकार की टीम की ओर से बीते दिसंबर व जनवरी माह में एम्स संस्थान का निरीक्षण किया गया था, जिसके बाद एम्स को देश के स्वच्छ स्वास्थ्य संस्थानों की सूची में शामिल किया गया।
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प्रो. रवि कांत ने पूूरा किया एक साल
एम्स ऋषिकेश में बतौर निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने रविवार को एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। उन्होंने 15 अप्रैल 2017 को संस्थान में निदेशक पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। उनकी उपलब्धियों में संस्थान में आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रगति, इमरजेंसी की सुविधा और बैडों की संख्या में बढ़ोत्तरी आदि शामिल हैं।
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