कर्णप्रयाग। क्षेत्र के ईष्ट के रूप में पूजे जाने वाले पैरूल देवता की पूजा अर्चना के साथ कस्बे में लगने वाले दो दिवसीय बैसाखी धार्मिक पर्यटन विकास मेले का आगाज हो गया है। इस दौरान लोगों ने पैरूल देवता की झांकी निकाली और कर्ण मंदिर परिसर में पैरूल देवता के मंदिर में पूजा अर्चना की। छात्र-छात्राओं और महिलाओं ने देवताओं के जागर गाए।
शुक्रवार सुबह ईड़ा बधाणी, रिठोली और पलेठी के ग्रामीण ढोल दमाऊं, देव निशानों और झांकी के साथ अपर बाजार, मुख्य बाजार होते हुए कर्ण मंदिर पहुंचे। यहां भगवान पैरूल की पूजा अर्चना की गई। नगर के सभी प्रमुख स्कूलों के बच्चे रैली के रूप में मेला स्थल पहुंचे। यहां विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान महिला मंगल दल सुभाषनगर, ईड़ाबधाणी, पलेठी, रिठोली और गांधीनगर ने लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। छात्र-छात्राओं ने भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, हरिकृष्ण भट्ट, संत सिंह, प्रताप लूथरा, दमयंती रतूड़ी, डा. एमएम नवानी, विनोद पुरोहित, ईओ आरएस राणा सहित नगर पालिका के सभासद और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
आवश्यकता आविष्कार की जननी है: अभिलाष
कर्णप्रयाग। राष्ट्ररत्न पुरस्कार से सम्मानित युवा वैज्ञानिक और ब्लाक के चूलाकोट निवासी अभिलाष सेमवाल ने मेले में मौजूद छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। बम खोजने की डिवाइस सहित कई अन्य आविष्कार करने वाले युवा वैज्ञानिक सेमवाल ने कहा कि हमारी संस्कृति को आज विदेशों में अपनाया जा रहा है। यहां का योग विदेशी कर रहे हैं, लेकिन हम अपनी संस्कृति को छोड़ रहे हैं। यह बदलाव शुभ संकेत नहीं है।
मेले में आयोजित स्टूडेंट काउंसिलिंग में सेमवाल ने कहा कि लगन और मेहनत से दुनिया में बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को वैज्ञानिक बनने और सफल करियर बनाने के कई टिप्स दिए। मेला समिति ने अभिलाष सेमवाल को सम्मानित किया।
मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
कर्णप्रयाग। मेला समिति ने वर्ष 2016-17 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परिषदीय परीक्षाओं में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इनमें मोहित खंडूड़ी, अनुष्का कप्रवाण, भावना पंत, दिव्यांशु कुंवर, आभा नेगी, प्रिया डिमरी आदि शामिल हैं। ब्यूरो
जै बदरी केदारनाथ, गंगोत्री जै जै.....
कर्णप्रयाग। मेले में शुक्रवार अपराह्न स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। सांस्कृतिक संध्या में ‘पैर पैर गौरा तू...’ से नगर की ईष्ट देवी उमा का स्मरण किया गया। लोक गायक कांति प्रसाद डिमरी और साथी कलाकारों ने ‘जै बदरी केदारनाथ, गंगोत्री जै जै.....’, ‘समद्वोला का द्वि दिन...’, ‘हाय तेरू रूमाला...’ सहित कई लोक गीतों और लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी। देर शाम तक लोग मेले में जुटे रहे। ब्यूरो