श्रीनगर। आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी) की एक्सपर्ट टीम ने एक बार फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर का दौरा कर मूलभूत जरूरतों को परखा। टीम ने कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल के प्रत्येक वार्ड में जाकर निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, पहाड़ में स्थित मेडिकल कॉलेज के सेटअप पर टीम ने संतोष जताया। उन्होंने अस्पताल के बेहतर संचालन के लिए स्थायी डॉक्टर व अन्य स्टाफ और आधुनिक मशीनों को जरूरी माना। टीम फीडबैक रिपोर्ट आर्मी हेडक्वार्टर में देगी।
प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को सेना के हैंडओवर करने की तैयारी चल रही है। उच्च स्तर पर वार्ता के बाद आर्मी मेडिकल कोर कई बार के दौरे कर चुकी है। विगत 25 मार्च को स्वयं थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने मुख्यमंत्री के साथ यहां का दौरा किया। सोमवार को आर्मी फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) और सेना कॉलेज दिल्ली के एक्सपर्ट ने ब्रिगेडियर के श्रीकर के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज/बेस अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन के साथ एमसीआई (भारतीय चिकित्सा परिषद) के पैनल की भांति ओपीडी और इमरजेंसी सहित अन्य अनुभागों का निरीक्षण किया। दौरे के बाद टीम अपने सुझाव हाईकमान को देगी। टीम को बताया गया कि चिकित्सकों सहित पैरामेडिकल व मिनिस्ट्रीयल स्टाफ अस्थायी रुप से कार्य कर रहा है। टीम ने स्थायी स्टाफ, मशीन, इंसीनरेटर और एसटीपी को अस्पताल के सुचारु संचालन के लिए जरूरी माना। टीम मंगलवार को भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के साथ ही फैकल्टी से बातचीत करेगी। इस मौके पर सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. बेअंत सिंह, ब्लड बैंक इंचार्ज डा. सतीश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डा. वरुण तिवाड़ी और डा. सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।