ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
त्रिवेणीघाट स्थित नाव घाट पर नहाते समय नेपाली युवक बह गया। जान बचाने के लिए वह हाथ-पैर मारते हुए किसी तरह से बहत्तर सीढ़ी घाट के सामने गंगा के दूसरे किनारे पर पहुंच गया। इस दौरान त्रिवेणीघाट पर मौजूद लोगों ने आपदा राहत टीम को इसकी सूचना दी। टीम में शामिल जवान युवक को रेस्क्यू कर सकुशल त्रिवेणीघाट पर लाए। कोतवाली पुलिस के मुताबिक देवेंद्र 40 पुत्र जीवनी तिरुवा निवासी नेपाल हाल निवासी नीलकंठ रविवार शाम करीब चार बजे त्रिवेणीघाट के समीप नावघाट पर गंगा में नहाने के लिए पहुंचा था। नहाते समय वह गंगा के तेज प्रवाह की चपेट आ गया। खुद को बचाने के लिए देवेंद्र पानी में हाथ-पैर मारते हुए गंगा के दूसरे किनारे पर पहुंच गया।
इसके बाद उसने त्रिवेणीघाट पर मौजूद लोगों को मदद के लिए आवाज लगाई। घाट पर तैनात 40वीं वाहिनी पीएससी हरिद्वार की आपदा राहत टीम के सदस्यों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जवानों ने उसे ट्यूब के माध्यम से आधे घंटे में रेस्क्यू कर त्रिवेणीघाट पर सकुशल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि उस दौरान नदी के दूसरी ओर हाथी भी मौजूद था। गनीमत रही कि युवक पर हाथी ने हमला नहीं किया। टीम केे सदस्यों ने बताया कि देवेंद्र नशे में था। वह नीलकंठ में किसी ठेकेदार के पास श्रमिक का काम करता है। टीम में कांस्टेबल कल्याण सिंह, सोहन सिंह, दीपक रावत, अनिल चौधरी आदि शामिल थे।