कीर्तिनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपना मकान का सपना देख रहे स्थानीय निवासियों को बैंक से झटका लगा है। भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा ने नगर पंचायत की ओर से भेजे गए सभी आवेदन पत्र यह कहकर लौटा दिए कि औपचारिकताएं पूर्ण नहीं हैं। वहीं, नगर पंचायत का कहना है कि भारत सरकार की गाइड लाइन पर ठीक बैठ रहे आवेदन पत्रों को बैंक को भेजा गया था।
शुक्रवार को नगर पंचायत कीर्तिनगर के सभागार में इसी परिप्रेक्ष्य में नगर पंचायत, बैंक अधिकारियों व प्रधानमंत्री आवास योजना आवेदकों की बैठक आयोजित की गई। हालांकि बैठक कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक में नगर पंचायत ने बताया कि उक्त योजना के लिए 40 आवेदकों ने फार्म जमा कराए थे। गाइड लाइन के आधार पर 27 आवेदकों की छटनी कर एसबीआई को आवेदन पत्र प्रेषित कर दिए गए। अप्रैल माह में भवन निर्माण के लिए पहली किश्त जारी होनी थी, लेकिन बैंक ने मार्च के अंतिम दिन सारे फार्म लौटा दिए। वहीं बैंक के शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार ने सफाई दी कि उनको मिली गाइडलाइन में उल्लेखित है कि भूमि स्वामी महिला को होना चाहिए। उसके नाम रजिस्ट्री होनी चाहिए। नए भवन के लिए ऋण दिया जाएगा। गाइड लाइन पर खरा न उतरने पर फार्म लौटाए गए। आवेदकों ने नगर पंचायत अध्यक्ष कल्पना कठैत और शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार के सामने नाराजगी जताते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेने की मांग की। सभासद जया कुमाई, मोनिका राज, केसी पैन्यूली, रेखा कैंतुरा, प्रवीण देवी, प्रेम प्रकाश मेहता और जीआरपी थपलियाल ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजना पर काम करने को तैयार ही नही है और अपनी गाइडलाइन थोप रहे हैं।