ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
ग्राम पंचायत चातरा के गांव हनोल में तहसील कर्मियों की सांठगांठ से व्यक्ति विशेष के नाम दर्ज की गई बंजर भूमि के मामले में गढ़वाल आयुक्त ने जिलाधिकारी को इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व जिलाधिकारी के आदेश पर विनियमितीकरण को निरस्त किया जा चुका है लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से अब तक जिला प्रशासन बचता रहा है।
अब आयुक्त के आदेश के बाद एक बार फिर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। गढ़वाल आयुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन अरविंद पांडे को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच में इस बात का पता लगाया जाएगा कि आखिर फर्जी तरीके से किए गए विनियमितीकरण में किन अधिकारियों का हाथ था।
उल्लेखनीय है कि 22 जुलाई 2016 को हनोल निवासी चंदराम ने तहसील कर्मियों से साठगांठ कर नियम विरुद्ध और फर्जी कागजातों के आधार पर बंजर भूमि के खसरा नंबर 115, 117, 118 और 119 की 0.2000 हेक्टेयर भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया था। मामले की शिकायत गांव निवासी संगीता देवी ने जिला प्रशासन के साथ ही गढ़वाल आयुक्त से की थी। जिसके बाद गढ़वाल आयुक्त के निर्देश पर की गई जांच में आरोप सही पाए गए थे।
मामले के तूल पकड़ने पर 14 फरवरी को जमीन के विनियमितीकरण को रद्द कर दिया गया था। जांच के दौरान तहसील प्रशासन की भारी अनियमितता उजागर हुई थी। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से इस बात का भी खुलासा हुआ था कि जमीन को नाम कराने के लिए फर्जी कागजातों के साथ ही पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया था। प्रकरण में कई राजस्व कर्मियों के नाम सामने आने के बाद से जिला प्रशासन मामले को दबाने में जुट गया था, लेकिन अब गढ़वाल आयुक्त के आदेश के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
कोट :
पूरे मामले की खुद मॉनिटरिंग कर रहा हूं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। एडीएम प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल