पीपलकोटी।
केस-एक
पीपलकोटी में जीएमवीएन कर्मी दिनेश चंद्र की ढाई नाली भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। खतौनी में उनका नाम दिनेश लाल है, जबकि आधार कार्ड में दिनेश चंद्र है। दिनेश को 30 हजार रुपये का मुआवजा मिलना है, लेकिन नाम में विसंगति होने से भुगतान रुक गया है।
केस-दो
पीपलकोटी के होटल व्यवसायी सुदर्शन लाल के पिता का नाम नारायण लाल शाह है, लेकिन मुआवजे की सूची में पिता का नाम नारायण दत्त दर्ज हुआ है। उनकी सवा नाली भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। उन्हें 27900 का मुआवजा दिया जाना है।
केस-तीन
पीपलकोटी नौरख गांव के मुकुल लाल शाह की दो नाली भूमि ऑलवेदर रोड के लिए अधिग्रहित की गई है। उनका नाम खतौनी में मुकुंद लाल है, लेकिन आधार कार्ड में मुकुंद लाल शाह है, जिससे मुआवजे का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार अन्य खातेदारों की स्थिति भी बनी हुई है।
ऑलवेदर रोड परियोजना के मुआवजा वितरण में अब खातेधारकों के नामों में आ रही विसंगति जिला प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। खातेधारकों के नाम खतौनी और आधार कार्ड में अलग-अलग होने से मुआवजे का वितरण नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन ने प्रभावित ग्रामीणों को खतौनी में सही नाम दर्ज कराने पर ही मुआवजे का भुगतान करने का फरमान जारी किया है, जिससे इन दिनों ग्रामीण संबंधित तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं।
चमोली जिले में पहले चरण में नंदप्रयाग से हेलंग (किमी 417 से किमी 468) तक अधिग्रहित की गई भूमि के मुआवजे का वितरण होगा। इन दिनों अपर जिलाधिकारी ईला गिरी के निर्देशन में चमोली और जोशीमठ तहसील प्रशासन ऑलवेदर रोड परियोजना के मुआवजे की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। नंदप्रयाग के 268, पुरसाड़ी में 167, मैठाणा में 426, बांजबगड़ 87, रोपा में 140, दुसातगांव में 264, अगथला में 406, गडोरा में 239, बाटुला में 910 और नौरख में 2134 प्रभावितों को मुआवजे का वितरण किया जाना है। अभी तक प्रशासन खतौनी (गोल खातों) में दर्ज खातेदारों के मुआवजे वितरण को लेकर परेशान था, लेकिन अब खातेदारों के नाम में मिल रही विसंगति से मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी ईला गिरी का कहना है कि खतौनी के आधार पर ही मुआवजे का वितरण किया जाएगा।