ब्यूरो/ऋषिकेश। तीर्थनगरी में शुक्रवार को एकाएक वाहनों का दबाव बढ़ने के चलते नेशनल हाईवे से लेकर शहर के ब्रांच रूटों तक जाम लग गया। ट्रैफिक जाम होने से आसपास के राज्यों से पहुंचे लोगों और स्थानीय नागरिकों को फजीहत झेलनी पड़ी। इस दौरान रेंग-रेंग कर चले वाहनों से ऋषिकेश से तपोवन तक पहुंचने के लिए लोगों को घंटाभर लग गया। शुक्रवार को ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन, स्वर्गाश्रम और रायवाला में वाहन सवार दिन भर जाम की समस्या से जूझते रहे। कई किलोमीटर तक जाम लगने के चलते लोगों को परेशानियां पेश आई।
ऋषिकेश से तपोवन तक महज 10 से 15 मिनट का सफर वाहन सवारों को घंटाभर से अधिक समय में तय करना पड़ा। ऋषिकेश-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगने का असर शहर की आंतरिक सड़कों पर भी दिखा, जिससे स्थानीय नागरिकों की मुश्किलें भी बढ़ी रही। इस दौरान रामझूला और लक्ष्मणझूला पुल पर भी लोगों की भारी भीड़ रही।
रायवाला क्षेत्र में वैदिकनगर और सत्यनारायण मंदिर के आसपास के वाहनों को रेंग-रेंगकर गुजरना पड़ा। इस दौरान पुलिसकर्मियों के यातायात व्यवस्था बनाने में पसीने छूट गए। वाहनों का दबाव अत्यधिक होने पर श्यामपुर चौकी पुलिस को यात्री और पर्यटक वाहनों को हरिद्वार बाईपास रोड पर डायवर्ट करना पड़ा। इसके साथ ही बैराज रोड पर भी पुलिस ने ट्रैफिक को काफी देर के लिए रोके रखा, जिससे लोगों को दिक्कतें पेश आई।
न सीपीयू पहुंची और न ही कार
देहरादून में जिले की यातायात व्यवस्था को मुकम्मल करने के लिए एक महीने पहले पुलिस महकमे के आला अधिकारियों ने बैठक की थी, जिसमें ऋषिकेश के व्यापारियों को भी न्योता दिया गया था। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष जयदत्त शर्मा ने बताया कि बैठक में एडीजी ने एसएसपी को ऋषिकेश में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर और वाहन के अलावा सीपीयू की टीम भेजने के निर्देश दिए थे, मगर एक माह बाद भी एडीजी के निर्देश का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। कहा कि निर्देश का पालन होता तो शहर में जाम में समस्या से लोगों को काफी हद तक निजात मिलले की उम्मीद थी।