कर्णप्रयाग। भगवान बदरीविशाल के महाभिषेक में प्रयोग होने वाले तेल की कलश यात्रा सात अप्रैल से शुरू होगी। यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 11 अप्रैल को कर्णप्रयाग के डिम्मर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंचेगी। डिमरी पंचायत ने यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
न्यू डिम्मर के टटेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार को आयोजित श्रीबदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत, डिम्मर-उमट्टा धार्मिक पंचायत और रविग्राम-पाखी धार्मिक पंचायत के प्रतिनिधियों की बैठक में गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा के भव्य आयोजन पर जोर दिया गया। केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष राकेश कुमार डिमरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि तेल कलश को लेने डिमरी पुजारियों का प्रतिनिधिमंडल सात अप्रैल सुबह टिहरी के राजदरबार नरेंद्रनगर रवाना होगा। साथ ही ऋषिकेश, श्रीनगर, कर्णप्रयाग सहित सभी पड़ावों पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्रा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात करेगा। बैठक में डिमरी-उमट्टा पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, रविग्राम-पाखी धार्मिक पंचायत के अध्यक्ष ज्योतिष डिमरी, केंद्रीय पंचायत के सचिव राजेंद्र प्रसाद डिमरी, कोषाध्यक्ष नरेश चंद्र, अनुज डिमरी, दीप्ति डिमरी, डा. भुवनेश्वर प्रसाद, संजय डिमरी, पंकज डिमरी आदि मौजूद थे।
गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा का कार्यक्रम
7 अप्रैल को -नरेंद्रनगर से ऋषिकेश बीकेटीसी धर्मशाला
8 अप्रैल- बीकेटीसी धर्मशाला से ऋषिकेश शत्रुघ्न मंदिर
9 अप्रैल-ऋषिकेश से डालमियां धर्मशाला श्रीनगर
10 अप्रैल-श्रीनगर से कर्णप्रयाग उमा देवी मंदिर
11 अप्रैल-उमा देवी मंदिर से डिम्मर लक्ष्मी नारायण मंदिर (यहां यात्रा 26 अप्रैल तक प्रवास करेगी)
27 अप्रैल को-डिम्मर से जोशीमठ नृसिंह मंदिर
28 अप्रैल को-जोशीमठ से पांडुुकेश्वर योगध्यान मंदिर
29 अप्रैल को-पांडुकेश्वर से बदरीनाथ मंदिर।