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अनशन स्थगित, आंदोलन जारी

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गैरसैंण। गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को आयोजित महापंचायत में मात्र 50 लोग शामिल हुए। इस कारण महापंचायत बैठक में तब्दील हो गई। इस दौरान राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर 63 दिनों से चलाया जा रहा आमरण अनशन स्थगित करने का निर्णय लिया गया। पांच दिनों से अनशन पर बैठे चौखुटिया के पूरन सिंह और खंसर के गोविंद सिंह को बच्चों दीपक और अदिति ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। बैठक में समिति ने धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन सहित अन्य आंदोलन जारी रखने की बात कही है। समिति और आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार पर आंदोलन को दबाने और गैरसैंण राजधानी की मांग की अवहेलन करने का आरोप लगाते हुए मुख्य तिराहे पर पुतला फूंका।
समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि अनशन को स्थगित कर दिया गया है, लेकिन राजधानी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन सहित पुतला दहन कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। बैठक में रामकृष्ण तिवारी, महेश पाडे, प्रवीण सिंह, केएस चौहान, संजय कुमार घिल्डियाल, खीम सिंह रौथाण, प्रमुख सुमति विष्ट, आदेश चौधरी, गजेंद्र सिंह नेगी, दर्शन मढ़वाल, सरोज शाह आदि ने आंदोलन की रणनीति के लिए सुझाव दिए। इस दौरान लक्ष्मण खत्री, सुरेंद्र, कमला पंवार, पूरन सिंह नेगी, भगत सिंह, महिला मंगल दल गोगना की राधा, जानकी, प्रधान गीता दवी तथा ममंद तिवाखर्क की शांति, लीला, हंसी देवी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने की तथा संचालन महामंत्री धनीराम ने किया।
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115 दिनों तक चला आंदोलन
स्थायी राजधानी की मांग को लेकर रामलीला मैदान में 115 दिनों से आंदोलन चल रहा था। यहां 26 जनवरी से आमरण अनशन शुरू होने से आंदोलन और तेज हुआ। इसके बाद थराली, आदिबदरी सहित कई स्थानों पर क्रमिक अनशन शुरू किया गया। सत्र के दौरान यहां आंदोलनकारियों और पुलिस प्रशासन में झड़प हुई, धक्का मुक्की के दौरान आंदोलनकारियों को चोटें आई। एक दिन गैरसैंण बाजार बंद और दो दिन चक्काजाम रहा। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों को खदेड़ा। आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार के दो मंत्री प्रकाश पंत और डा. धन सिंह को भी वापस भेजा, लेकिन सीएम त्रिवेंद्र सिंह और स्थानीय विधायक आंदोलनकारियों से मिलने नहीं पहुंचे।
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आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए किया स्थगित
स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष चारु तिवारी का कहना है कि राजधानी की मांग को लेकर गैरसैंण का आंदोलन सफल रहा है। सरकार गैरसैंण के बारे में सोचने के लिए विवश हुई है। अब पूरे प्रदेश में आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए गैरसैंण में केवल अनशन स्थगित किया गया है आंदोलन नहीं। सात अप्रैल को हल्द्वानी में गैरसैंण के सवाल से लेकर पहाड़ों के तमाम सवालों के लिए बैठक आहूत की गई है। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में बैठकें की जाएंगी। ताकि गैरसैंण सहित तमाम सवालों के लिए एक बड़े आंदोलन को सफल बनाया जा सके।
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