श्रीनगर। निजी मेडिकल कालेजों में फीस वृद्धि किए जाने पर आक्रोशित गढ़वाल विवि के छात्रों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का पुतला फूंका। छात्रों ने फीस वृद्धि का निर्णय वापस न लिए जाने पर पूरे राज्य में सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को देर शाम गढ़वाल विवि गेट के सामने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद आयोजित जनसभा में बिड़ला परिसर के छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप पंवार ने कहा कि सरकार ने निजी कालेजों मेडिकल कालेजों को एमबीबीएस व पीजी कोर्स में मनमाने तौर पर फीस वृद्धि किए जाने के लिए छूट दे दी है। इससे निजी कालेजों में मेडिकल कोर्स कर रहे छात्रों के समक्ष संकट पैदा हो गया है, जिस पाठ्यक्रम की फीस पहले 6 लाख थी वह अब बढ़ कर 20 लाख से अधिक हो गई है। छात्र नेता आयुष मियां ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही फीस वृद्धि का फैसला वापस नहीं लिया तो छात्र सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे। इस दौरान छात्रों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सरकार की ओर से एमबीबीएस और पीजी कोर्स के लिए निजी मेडिकल कालेजों को दी गई शुल्क वृद्धि की छूट पर आक्रोश व्यक्त किया है। अभाविप के प्रदेश मंत्री सुधीर जोशी ने मुख्यमंत्री के उस बयान की भी कड़ी निंदा की जिसमें उन्होंने निजी मेडिकल कालेजों को मनमानी फीस में वृद्धि करने की छूट दी है। जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस बयान से छात्रों के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में निशांत प्रताप कंडारी, शिवकांत प्रताप कंडारी, सुधांशु थपलियाल, अंकित रावत, कुनाल बिष्ट, अमित शाह, अंकिता बिष्ट, रुचि बिष्ट आदि शामिल थे।
>>>>>>>>>>>>>>>>>>
भाजपा को गरीब छात्रों की नहीं पूंजीपतियों की चिंता
नई टिहरी। मेडिकल कॉलेज विवि को फीस तय करने की छूट देने पर यूकेडी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा रोष जताया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मेडिकल कालेजों को फीस तय करने का निर्णय जल्द वापस नहीं लिया गया तो दल प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। उक्रांद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि सरकार ने फीस बढ़ोत्तरी का निर्णय विवि को देकर पूंजीपतियों को लूट की खुली छूट दे दी है, जिससे निश्चित ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई से वंचित रहना पड़ेगा। निर्णय वापस नहीं लेने पर उन्होंने प्रदेशभर में भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। विज्ञप्ति में उक्रांद के जिलाध्यक्ष विजय पंवार, बुद्धि सिंह पुंडीर, विक्रम नेगी, दर्शनलाल उनियाल, रमेश, उत्तम पुंडीर, वसंती नेगी, पुष्पा पंवार और यशोदा नेगी आदि के हस्ताक्षर थे।