ब्यूरो/ऋषिकेश। जल संचय जीवन संचय, जल है तो कल है जैसे स्लोगन के जरिए लोगों को जागरुक करने वाला महकमा खुद ही पानी की बर्बादी को रोकने में लापरवाह बना हुआ है। ढालवाला में जल संस्थान के पानी के टैंक से हर रोज सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद जल संस्थान जल की बर्बादी रोकने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
ढालवाला स्थित दुर्गा मंदिर के समीप स्थापित जल संस्थान के पानी के ओवरहेड टैंक से पानी लीकेज होकर बर्बाद हो रहा है। ग्रीष्मकाल में क्षेत्र में पानी की सबसे अधिक किल्लत बनी रहती है। पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं होने से स्थानीय लोगों को विभिन्न स्थानों से पानी ढोने को विवश होना पड़ता है। स्थानीय निवासी मदन मोहन कोठारी ने बताया कि बीते करीब पांच महीने से उक्त टैंक से पानी की बर्बादी हो रही है। बताया कि हर रोज सैकड़ों लीटर अमूल्य जल गिरकर सड़कों में बह रहा है। स्थानीय निवासी चैतराम सेमवाल, गंगाराम बलूनी, शिवप्रसाद कोठारी, मोहन लाल काला ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान के अधिकारियों से कई दफा शिकायत की जा चुकी है, मगर अधिकारी हर बार टैंक की मरम्मत का मामला बजट का अभाव बताकर टाल देते हैं।
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मामला संज्ञान में है। ओवरहेड टैंक की मरम्मत के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही ढालवाला में लीकेज हो रहे टैंक की मरम्मत करा दी जाएगी।
- एवीएस रावत, जलकल अभियंता जलसंस्थान ऋषिकेश।