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गैरसैंण में सांसदों के प्रति दिखी नाराजगी

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गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण को घोषित करने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में आंदोलन 111वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने प्रदेश के पांचों सांसदों के विरोध में प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। सांसदों को गैरसैंण राजधानी की पैरवी केंद्र सरकार में करनी चाहिए। ताकि प्रदेश की सरकार गैरसैंण को लेकर जनभावनाओं के अनुरूप राजधानी का रोडमैप तैयार करे।
स्थायी संघर्ष समिति ने कहा कि 111 दिनों से चल रहे आंदोलन की सुध लेने मुख्यमंत्री आंदोलनस्थल तक नहीं आए। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार गैरसैंण को राजधानी नहीं बनाना चाहती। आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रदेश के पांचों सांसद भी गैरसैंण की पैरवी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में नाराज आंदोलनकारियों ने मुख्य तिराहे पर सांसदों का पुतला फूंका। प्रदर्शन करने वालों में संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, धनी राम, कमला पवार, कुंवर सिंह, मुकेश कुमार, पदम सिंह, नंदन सिंह नेगी, कृष्णा नेगी, सरोज शाह, बलवंत सिंह शाह, वीरेंद्र प्रसाद जोशी, मनवर सिंह पंवार, गंभीर सिंह नेगी और वीरेंद्र बिष्ट आदि शामिल थे।
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पूरन मेहरा और गोविंद सिंह का अनशन जारी
गैरसैंण/थराली। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर सातवें दौर में अनशन पर बैठे पूरन सिंह और गोविंद सिंह का अनशन दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। पूरन सिंह और गोविंद सिंह ने कहा कि जब तक स्थायी राजधानी की मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर थराली में स्थायी राजधानी की मांग को लेकर क्रमिक अनशन छठवें दिन भी जारी रहा। धरना देने वालों में राज्य आंदोलनकारी हरीश पंत, समिति के अध्यक्ष महेश उनियाल, प्रताप सिंह, प्रीतम सिंह रावत, मनोज चंदोला, राजू नेगी और गजेंद्र शाह आदि शामिल थे।
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