श्रीनगर। गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में आपदा प्रबंधन विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि गढ़वाल विवि में आपदा प्रबंधन केंद्र की स्थापना की जानी चाहिए, जिससे आपदाओं पर शोध व बचाव कार्य किए जा सके।
सोमवार को कार्यशाला के समापन पर दिल्ली विवि के सहायक प्रोफेसर सुमन दास ने कहा कि उत्तराखंड में भूस्खलन की घटनाओं से बचाव के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में अधिक से अधिक शोध कार्य किए जाने की आवश्यकता है। प्रो. रवि शेखर ने कहा कि आपदा की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। पूर्वानुमान से क्षति को कम किया जा सकता है। कार्यशाला के संयोजक डा. मोहन सिंह पंवार ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए हिमालयी राज्यों को मिलकर गढ़वाल विवि में जेएनयू की तर्ज पर आपदा प्रबंधन केंद्र की स्थापना की जानी चाहिए। कार्यशाला में भूगोल विभाग के 10 छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया, जिसमें गरिमा बिष्ट प्रथम, कविता खत्री द्वितीय व रेखा तृतीय रहे। कार्यशाला में दिल्ली विवि के 40 छात्रों ने भी प्रतिभाग किया। कार्यशाला कें अंत में छात्रों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। संचालन रेनू कर्णवाल व दीप्ति भट्ट ने किया।