ब्यूरो/ऋषिकेश। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव-गांव को सड़क संपर्क से जोड़ने का दावा किया जा रहा है, लेकिन पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड की पट्टी तल्ला ढांगू के करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों को राज्य योजना को मंजूरी मिलने के 12 साल बाद भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। यहां करीब 9.5 किलोमीटर फूलचट्टी-कोटा मोटर मार्ग को वर्ष- 2006 में करीब डेढ़ करोड़ की वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है, मगर सड़क का अभी तक कोई अता पता नहीं है। लिहाजा यहां के ग्रामीण कच्ची पथरीली पगडंडियां नापने को मजबूर हैं।
यमकेश्वर प्रखंड स्थित पलेलगांव, कोटा, सिरासू, दुनारगांव, उमरीसैंण, माला, पुलाणी, पल्लाकोट आदि गांवों को जोड़ने के लिए फूलचट्टी मोटर मार्ग योजना को वर्ष 2006 में स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा इस मोटर मार्ग को लक्ष्मणझूूला-कांडी नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए फूलचट्टी में हेंवल नदी पर आरसीसी ब्रिज भी बनाया जाना है। मगर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग की उदासीनता से 12 साल बाद भी स्वीकृत योजना परवान नहीं चढ़ पाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूड़ी ने चुनावी के समय क्षेत्र के ग्रामीणों से चुनाव जीतने के बाद उक्त गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने का वायदा किया था। दिसंबर- 2017 में विधायक खंडूड़ी ने गांव में पहुंचकर नागरिकों को जल्द सड़क मुहैया कराने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद आज तक विधायक ने ग्रामीणों की सुध तक नहीं ली। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द क्षेत्र में स्वीकृत योजना पर कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों को लामबंद कर आंदोलन किया जाएगा।
इनकी सुनिए
वर्ष-2006 में फूलचट्टी-कोटा सड़क योजना को स्वीकृति मिली थी, मगर प्रस्तावित मार्ग राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अंतर्गत होने के कारण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। वन भूमि हस्तांतरण का प्रकरण अभी भी पार्क प्रशासन के पास लंबित है। भूमि हस्तांतरण के बाद ही विभाग सड़क योजना पर कार्य शुरू करेगा।
- सत्यप्रकाश राठौर, सहायक अभियंता, लोनिवि, दुगड्डा।