श्रीनगर। प्रदेश की ऊर्जा सचिव राधिका झा ने श्रीनगर जल विद्युत परियोजना संचालन कर रही कंपनी एएचपीसीएल से विद्युत रॉयल्टी, प्रीमियम, सुरक्षा ऑडिट, एमओयू (समझौता पत्र) और पीपीए (पावर परचेजिंग एग्रीमेंट) तलब किए हैं। सचिव ने परियोजना प्रभावितों की समस्याओं का निराकरण और धारी देवी मंदिर का शीघ्र निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को ऊर्जा सचिव झा ने श्रीनगर जल विद्युत परियोजना, 400 केवी सब स्टेशन सहित अन्य सबस्टेशनों का निरीक्षण किया। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के निरीक्षण के दौरान परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी ने बताया कि परियोजना निर्माण के दौरान लगभग 70 परिवारों के पुनर्वास में 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ऊर्जा सचिव ने परियोजना सुरक्षा मापदंडों, ऊर्जा उत्पादन और सुरक्षा ऑडिट की समीक्षा की। इसके पश्चात सचिव ने 33/11 केवी सबस्टेशन श्रीनगर का निरीक्षण किया। उन्होंने सबस्टेशन में खराब विद्युत ट्रांसफार्मर रखे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने ट्रांसफर्मरों को शीघ्र वर्कशॉप में भेजने के निर्देश दिए। साथ ही बिलिंग क्षमता और राजस्व संग्रहण क्षमता बढ़ाने को कहा। तत्पश्चात वह 400/220/132 केबी सबस्टेशन खंदूखाल पहुंची। उन्होंने पिटकुल के मुख्य अभियंता (गढ़वाल क्षेत्र) को ऑटोमेशन और स्काडा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी सहित विद्युत वितरण खंड और पिटकुल के अधिकारी मौजूद थे।