श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज को एक बार फिर सेना के हवाले करने की कवायद के बीच डीजीएएमएस (महानिदेशालय सेना चिकित्सा सेवा) ने प्राचार्य से वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। महानिदेशालय ने पिछले साल हुए निरीक्षण के बाद संस्थान की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में पूछा है। वहीं 25 मार्च को थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत मुख्यमंत्री के साथ कालेज का निरीक्षण करने पहुंचेंगे।
थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत रविवार को हेलीकॉप्टर से श्रीनगर पहुंचेंगे। यहां वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के साथ अपराह्न 3 से 4 बजे तक राजकीय मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल श्रीकोट गंगानाली का निरीक्षण करेंगे। जनरल रावत मेडिकल कालेज को सेना के हवाले करने को चल रही कवायद को देखते हुए यहां पहुंच रहे हैं। यहां वह प्रदेश सरकार और सेना के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण के अलावा प्रजेंटेशन के माध्यम से व्यवस्थाओं की जानकारी लेेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को थल सेना के हवाले करने की योजना पर विराम नहीं लगा है, जो भी कमियां सेना के आर्मी कोर ने गिनाई थी, उनको दूर किया जा रहा है। पिछले साल सेना के मेडिकल कोर की टीम ने तीन बार कालेज और बेस अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। अंतिम निरीक्षण 15 जून को हुआ था, जिसमें आर्मी मेडिकल कोर को पूरा लेखा जोखा दे दिया गया था, लेकिन कर्मियों के चलते बात आगे नहीं बढ़ पाई। गत 22 मार्च को डीजीएएमएस ने फोन के माध्यम से प्राचार्य से वार्ता कर 15 जून के बाद कमियों को पूरा करने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। प्राचार्य प्रो. रावत ने बताया कि महानिदेशालय को अवगत करा दिया गया है कि 8 फैकल्टी की नियुक्ति की गई है। विभागों में नए उपकरण खरीदे गए हैं। इंटर्न हॉस्टल का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा वार्ड में बिजली फिटिंग और लिफ्ट का काम चल रहा है। शेष कमियां शासन के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।