श्रीनगर। गढ़वाल विवि से संबद्ध संस्थानों में नियम विरुद्ध आवंटित पाठ्यक्रम व सीटों पर नए शिक्षा सत्र 2018-19 में प्रवेश नहीं किए जाएंगे। संबद्ध संस्थानों में सीटों की स्थिति गढ़वाल विवि के केंद्रीय विवि बनने से पूर्व आवंटित सीटों की भांति रहेगी। विवि प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
22 फरवरी को गढ़वाल विवि की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में विवि से संबद्ध कालेजों को नियम विरुद्ध आवंटित पाठ्यक्रम व सीटों (60 से अधिक) को वापस लिए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। बैठक में चर्चा की गई थी कि वर्ष 2009 में गढ़वाल विवि के केंद्रीय विवि बनने के बाद विवि से संबद्ध कई कालेजों व निजी संस्थानों को नियम विरुद्ध सीटें आवंटित की गई हैं। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में जांच के दायरे में चल रहे 16 पैरामेडिकल कालेजों में परीक्षा सहित अन्य प्रक्रियाओं पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। 20 मार्च को गढ़वाल विवि प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। कुलसचिव डा. एके झा के कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार अब विवि से संबद्ध संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या वर्ष 2009 से पूर्व की भांति रहेंगी। 2009 के बाद नियम विरुद्ध (विवि एक्ट विरुद्ध) आवंटित पाठ्यक्रूम व सीटों पर अब नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश नहीं किए जाएंगे। विवि प्रशासन ने इस संबंध में सभी संबद्ध संस्थानों को भी आदेश की प्रति जारी कर दी है।
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पीएचडी जमा करने के लिए 2 माह का अतिरिक्त समय
श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासन ने वर्ष 2011 व उसके बाद पंजीकृत छात्रों को पीएचडी जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। वर्ष 2011 से पूर्व गढ़वाल विवि में शोध छात्रों को डीफिल की डिग्री दी जाती थी। 2011 में इसे पीएचडी में परिवर्तित कर दिया गया था। ऐसे छात्र जिनके शोध कार्य को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन वह शोध ग्रंथ जमा नहीं कर पाए हैं। विवि प्रशासन ने ऐसे छात्रों को दो माह का अतिरिक्त समय दिया है।