गैरसैंण। विधानसभा घेेराव के बाद भी स्थायी राजधानी आंदोलन की उपेक्षा किए जाने से गैरसैंणवासी अब गुस्से में है। नाराज लोगों ने जहां बुधवार को भी नैनीताल हाईवे जाम किया, वहीं बृहस्पतिवार को भारी संख्या में महिलाएं, युवा और किशोर सड़कों पर दिखे। इस दौरान गैरसैंण-गैरसैंण ही गूंजता रहा।
गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने के लिए आंदोलन सरकार के पिछले सत्र (7 दिसंबर 2017) से ही शुरू हो गया था। तब यहां राइट टू हेल्थ के पांच सदस्यों ने आमरण अनशन शुरू किया था। हालांकि पुलिस ने पांच दिनों बाद ही रामलीला मैदान से इन अनशनकारियों को हटा दिया था। इसके बाद 12 दिसंबर से यहां क्रमिक अनशन शुरू कर दिया गया था। लोकतांत्रिक ढंग से राजधानी की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर बृहस्पतिवार शाम को पुलिस के बल प्रयोग करने से अब गैरसैंणवासी गुस्से में है। ब्यूरो