ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
विश्व वानिकी दिवस पर चकराता वन प्रभाग की रीवर रेंज के तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कालसी डेयरफॉर्म के सभागार में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि डीएफओ दीपचंद आर्य शामिल हुए।
बुधवार आयोजित कार्यशाला में डीएफओ दीपचंद ने बताया कि वनों का प्राणी मात्र के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। लेकिन आज विकास की दौड़ में वनों का तेजी से दोहन किया जा रहा है। जिसका सीधा असर जलवायु और वन्य जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वनों के संवर्धन में उत्तराखंड की स्थिति अन्य राज्यों से बहुत अच्छी है। उप प्रभागीय वनाधिकारी सुबोध काला ने कहा कि स्थानीय जनता के सहयोग के बिना वनों का संरक्षण और संवर्धन मुमकिन नहीं है। रेंजाधिकारी बीडी सकलानी ने वन विभाग द्वारा चलाई ज रही योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर सुरेशानंद भट्ट, हरपाल सिंह, कमल नयन जखमोला, देवेंद्र कुमार मिश्रा, मदन सिंह नेगी, जालम सिंह, कलीराम नेगी, हेतराम, प्रदीप कुमार, राजू, सरदार सिंह, गजेंद्र नेगी, सूरत सिंह, पवन सिंह, दीवान सिंह, हृदय सिंह आदि मौजूद रहे।