ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
विश्व वानिकी दिवस पर नीर फाउंडेशन की ओर से बुधवार को शीशमझाड़ी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा वर्ष 2019 में महुवा, जामुन, आम व अन्य फलदार प्रजातियों के एक लाख पौधों के रोपने का संकल्प लिया गया। इसके अलावा लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे वितरित कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया गया।
शीशमझाड़ी स्थित कात्यायनी मंदिर में नीर फाउंडेशन, सारथी सामाजिक संस्था, अनुग्रह रिहैबिलीटेशन ट्रस्ट, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति व गोविंद दर्शन ट्रस्ट की ओर से संयुक्तरूप से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्वामी विवेकानंद समिति के अध्यक्ष स्वामी अरविंद वी. कोठे व डॉ. एसएन मिश्रा ‘पेड़ बाबा’ ने लोगों को अमरूद, कटहल आदि पौधे बांटे। ‘पेड़ बाबा’ ने वृक्षों की उपयोगिता और औषधीय गुणों की जानकारी दी। बताया गया कि छह माह तक अकाल की स्थिति में मनुष्य व जानवर महुवे का सेवन कर जीवित रह सकते हैं। महुवे का फल व फूल काफी उपयोगी हैं। इसके बीजों से तेल भी तैयार किया जाता है। इस दौरान उन्होंने सफेद कचनार, ढाक, देसी आम की प्रजातियों की लगातार घटती पर चिंता जाहिर की। इस अवसर पर जीएमवीएन के वरिष्ठ प्रबंधक डीएस नेगी, डॉ. जेआरडब्ल्यू सिंह, डॉ. एजी. सुजाता, गुरविंदर सलूजा, रवि शास्त्री, वीपी धींगरा, अभिषेक शर्मा, देव सिंह नेगी आदि मौजूद थे।