भराड़ीसैंण(गैरसैंण)। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के जिला चिकित्सालयों, उपजिला चिकित्सालयों एवं प्रत्येक जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पुरस्कृत किया। कायाकल्प पुरस्कार के तहत श्रेणी ’ए’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) को 50 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई। इसी श्रेणी में चेनराय जिला महिला चिकित्सालय हरिद्वार, बीडी पांडे जिला पुरुष चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर (चमोली), बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग एवं जिला महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी को सांत्वना पुरस्कार के रूप में तीन-तीन लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई।
श्रेणी ’बी’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले उपजिला चिकित्सालय नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल) को 15 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले उप जिला चिकित्सालय कोरोनेशन, देहरादून को 10 लाख रुपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले संयुक्त चिकित्सालय प्रेमनगर, देहरादून एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला, देहरादून को एक-एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई। श्रेणी ’सी’ के अंतर्गत जनपद में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को दो-दो लाख रुपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50-50 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। ब्यूरो
ईवीआईएन का मोबाइल एप लांच
भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित हुआ समारोह
बेहतर समन्वय से काम करें अधिकारी और कर्मी : मुख्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को यहां विधानसभा भवन में आयोजित समारोह में इलेक्ट्रानिक वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन) का मोबाइल एप लांच किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए कर्मियों और अधिकारियों से बेहतर तालमेल से काम करने पर जोर दिया।
विधानसभा परिसर में आयोजित हुए समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा एवं आईसीडीएस विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रदेश में 28 लाख बच्चों के मीजल्स एवं रूबेला टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य को संबंधित विभागों ने समय से पूरा किया है। विभागों के बेहतर समन्वय के कारण ही मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य से अधिक टीकाकरण हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 2024 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने प्रदेश के सभी 13 जिलों में क्षय रोग निदान हेतु कार्य करने वाले कर्मियों को टेबलेट का वितरण किया। कर्मियों को क्षय रोग मुक्ति के लिए निरंतर काम करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर मीजल्स एवं रूबेला टीकाकरण में बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (महिला एवं बाल विकास) राधा रतूड़ी, सचिव शिक्षा भूपेंद्र कौर औलख, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, स्टेट इम्यूनाइजेशन ऑफिसर भारती राणा आदि को स्मृति चिह्न प्रदान किया। इस अवसर पर कृृषि मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर सचिव ऊषा शुक्ला, राष्ट्रीय स्वस्थ्य मिशन के निदेशक युगल किशोर पंत आदि उपस्थित थे।
कई आशाओं को भी किया सम्मानित
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। समारोह में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आशा कार्यकत्रियों और एएनएम को सम्मानित किया। इनमें लीला (सलियाणा), सीता (अंद्रपा), जोमती (पांचाली), शांता (मूसों), सुमन (धुनारघाट), पदमा (ग्वाड़), पदमा देवी (घंडियाल), सुमन (पज्याणा), सरस्वती (फरकंडे), शकुंतला (घंडियाल द्वितीय), मंजू (सिलंगी), रेखा (रिखोली), पुष्पा (गैरसैंण) सहित ब्लाक में कार्यरत एएनएम शामिल हैं। ब्यूरो