भराड़ीसैंण(गैरसैंण)। हक के लिए अब तक अक्सर चुप रहने वाला गैरसैंण इस बार उठ खड़ा हुआ है। पिछले चार सत्रों में गैरसैंण के लोगों ने सरकार का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया और त्योहार की तरह इस आयोजन को लिया, लेकिन अब गैरसैण राजधानी और जिले की मांग को हाशिए पर धकेलने से नाराज लोग सड़क पर उतर पड़े हैं। पिछले 106 दिनों से रामलीला मैदान में राजधानी के आंदोलन में प्रशासन और सरकार की उपेक्षा का गुस्सा आंदोलनकारियों ने मंगलवार को सदन के बाहर उतारा। महिलाएं, युवा और युवतियां गैरसैंण तहसील के दूरस्थ गांवों से निकलकर विधानसभा तक पहुंच गई।
गैरसैंण बाजार में एक छोटी सी दुकान चलाने वाली कमला पंवार ने कहा कि पलायन से पहाड़ का रोजगार खत्म हो गया है। यहां युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही है। पलायन के चलते स्वरोजगार भी खत्म हो रहा है। आने वाली पीढ़ी के लिए अलग राज्य खुशहाली नहीं बल्कि संकट पैदा कर रहा है। करीब 50 किमी दूर से आंदोलन में पहुंची बुुजुर्ग कला देवी, कुनीगाड़ की शांति देवी और दीपा देवी ने कहा कि आखिर कब तक चुप रहें, गैरसैंण प्रदेश का केंद्र बिंदु है। यहां राजधानी बनने से पूरे प्रदेश का विकास होगा। पहाड़ के युवाओं को पहाड़ में रोजगार मिलेगा। मांसी से नंगे पांव आंदोलन में पहुंचे बाबा जिन्होंने खुद का नाम बर्फानी बताया, ने कहा कि गैरसैंण राजधानी युवाओं के भविष्य की इबारत लिखेगी। आंदोलन में शामिल युवती मनीषा, दिव्या और आरती ने कहा कि गैरसैंण से ही पहाड़ के युुवाओं को रोजगार की राह खुल सकती है। यही नहीं गैरसैंण के आसपास के लोग भारी संख्या में कालीमाटी से दिवालीखाल और दिवालीखाल से विधान भवन तक करीब सात किमी पैदल चले। आंदोलनकारियों ने प्यास बुझाने के लिए जंगल में बुरांश के फूलों का सहारा लिया। इस दौरान दिवालीखाल का बांज बुरांश का जंगल राजधानी के नारों से गूंजता रहा।
ग्रामीणों ने किया विधानसभा प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन
भराड़ीसैंण(गैरसैंण)। भराड़ीसैंण से लगे सारकोट, परवाड़ी और सिराणा के ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क सहित अन्य मांगों को लेकर विधानसभा के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि गांवों में आज तक सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है। विधानसभा परिसर की पूरी गंदगी बहकर गांवों में पहुंच रही है। यही नहीं गांवों के पेयजल स्रोत का पानी विधानसभा भवन के लिए ले जाया गया, जिससे गांवों में पानी की दिक्कत हो गई। बाद में ग्रामीणों ने प्रवेश द्वार पर तैनात मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।
आंदोलनकारियों पर घूंसे, जेल ले जाते वक्त धक्का मुक्की
भराड़ीसैंण(गैरसैंण)। दिवालीखाल बैरियर और विधानभवन पहुंचे आंदोलनकारियों के साथ मित्र पुलिस ने खूब घूंसे बरसाए। नेतृत्व कर रहे आंदोलनकारियों को सीएम से मुलाकात के बहाने अंदर बुलाया गया और बाद में गाड़ियों में भरकर जेल ले जाया गया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों ने विरोध जताया तो वाहन में ठूंसते वक्त पुलिस कर्मियों ने जमकर घूसे बरसाए, जबकि दिवालीखाल में कई आंदोलनकारियों में धक्का मुक्की हुई। कुछ आंदोलनकारियों ने पुलिस के फायर सर्विस वाहन पर चढ़कर पुलिस की ओर पानी की बौछार छोड़ने की कोशिश की।