भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को पुलिस के सुरक्षा इंतजाम जवाब दे गए। हाईवे पर चार से सात घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। खेेती से कालीमाटी तक करीब 10 किमी के दायरे में ट्रैफिक दिन भर रेंगता रहा। हालात यह रहे कि सुबह सत्र में शामिल होने जा रहे मंत्री, विधायक और अधिकारी भी जाम में फंसे रहे। बाद में कई विधायक, मंत्री और अधिकारी एक से तीन किमी की पैदल दूरी तय कर किसी प्रकार विधानसभा परिसर तक पहुंचे।
मंगलवार को गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर श्रीनगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और कुमाऊं ने द्वाराहाट, बागेश्वर, अल्मोड़ा सहित कई अन्य जिलों से लोग विधानसभा घेराव करने पहुंचे। सुबह आठ बजे से जंगलचट्टी बैरियर पर पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए चेकिंग शुरू की, जिससे जाम लगना शुरू हो गया। हालांकि यहां से आंदोलनकारी तीन किमी दूर दिवालीखाल तक पहुंच गए। आंदोलनकारियों को रोकने की खातिर पुलिस ने बैरियर बंद कर दिया, जिससे पूरा यातायात बंद हो गया। इस दौरान शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सहसपुर के विधायक सहदेव पुंडीर सहित कई विधायक, सचिव और अपर सचिव जाम में फंसे रहे। विधायक और मंत्रियों पहले पैदल और फिर बैरियर पार करने के बाद वाहन से भराड़ीसैंण पहुंचे। कई मीडिया कर्मी की जाम में फंसे रहे। गढ़वाल से कुमाऊं आने-जाने वाले लोग भी फंसे, लेकिन आंदोलनकारियों के आगे पुलिस की व्यवस्थाएं बौनी दिखी।