श्रीनगर। गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित महिला छात्रावासों में पुरुष वार्डनों की ओर से चेकिंग अभियान चलाए जाने पर आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कुलसचिव का घेराव किया। इस दौरान छात्रों की वार्डनों के साथ तीखी बहस भी हुई। हालांकि बाद में विवि प्रशासन ने गलती मानते हुए घटना पर खेद जताया, जिस पर छात्राएं शांत हुई। छात्राओं ने इस प्रकरण पर कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है।
मंगलवार को शोध छात्र एसोसिएशन के अध्यक्ष दर्शन दानू व सुधीर जोशी के नेतृत्व में छात्रावासों में रह रहे छात्र व छात्राएं कुलसचिव कार्यालय पहुंची। यहां छात्राओं ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पूर्व विवि के मुख्य छात्रावास में अधीक्षक कुछ अन्य पुरुष वार्डनों व विद्युत विभाग की टीम के साथ उनके कमरों में आए और विद्युत उपकरणों की चेकिंग की। छात्राओं ने कहा कि इस दौरान टीम के सदस्य सीधे छात्राओं के कमरे में घुसे और चेकिंग करने लगे, जिस पर छात्राओं ने कड़ा आक्रोश जताया। कुलसचिव कक्ष में वार्ता के दौरान छात्रों की एक वार्डन से तीखी बहस भी हुई। छात्राएं वार्डनों पर कार्रवाई किए जाने की मांग पर अड़ी हुई थी। बाद में कुलसचिव डा. एके झा ने इस घटना पर खेद जताते हुए इसे गलत बताया। कहा कि छात्रावास प्रशासन को चेकिंग से पूर्व छात्र-छात्राओं को नोटिस देना चाहिए था। साथ ही उन्होंने पुरुष वार्डनों के छात्राओं के कमरों में जाने को गलत बताया। उन्होंने पूरे प्रकरण को कुलपति के समक्ष रखने की बात कही।
कार्रवाई करे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता
श्रीनगर। जब छात्रों ने इस संबंध में कार्रवाई किए जाने की मांग की तो चीफ वार्डन प्रो. प्रदीप मोहन सकलानी ने कहा कि विवि प्रशासन कार्रवाई करे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। प्रो. सकलानी ने कहा कि सभी वार्डन इस्तीफा दे देंगे। कहा कि छात्राएं अपने कमरों में हीटर आदि का प्रयोग कर रही थी। इसकी शिकायत उन्हें लगातार मिल रही थी। इसी संबंध में चेकिंग अभियान चलाया गया। कहना है कि टीम में विवि की वरिष्ठ प्रो. मोनिका गुप्ता व महिला सुरक्षा कर्मी भी शामिल थे। छात्राओं के कमरों में महिला प्रोफेसर व महिला सुरक्षा कर्मी ही गए।