श्रीनगर। नेशनल मिशन ऑन हिमालयन स्टडीज के तहत गढ़वाल विवि के हेप्रेक में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में काश्तकारों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले विलुप्त प्राय औषधीय एवं सगंध पादपों का वृहद स्तर पर उत्पादन एवं कृषिकरण की जानकारी दी गई।
मंगलवार को कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर गढ़वाल विवि के प्रभारी कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि जड़ी बूटी पर आधारित शोध को गढ़वाल विवि गांव गांव तक पहुंचाएगा। उन्होंने औषधीय एवं सगंध पादपों के कृषिकरण के लिए महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया। कहा कि पहाड़ में कृषिकरण के लिए महिलाएं अधिक सराहनीय कार्य कर रही हैं। प्रो. नौटियाल ने कहा कि सगंध व औषधीय पादपों के कृषिकरण के लिए धैर्य एवं तकनीक जरूरी है। प्रो. एमसी नौटियाल ने कहा कि कृषकों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने में इस प्रकार की कार्यशालाएं सहायक सिद्ध होंगी। मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग डीआर जोशी ने भारत सरकार की ओर से किसानों की आय दुगनी करने के लिए संचालित की जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में प्रो. एआर नौटियाल, डा. आरके मैखुरी, डा. वीके पुरोहित आदि ने भी विचार व्यक्त किए।