ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
गर्मियां शुरू होते ही ग्रामीण अंचलों में पानी का संकट खड़ा होने लगा है। माख्टी पोखरी गांव में पानी की दो-दो लाइनें होने के बाद भी लोगों के गले तर नहीं हो पा रहे हैं। बीते दो माह से गांव पानी का संकट बना हुआ है। लोगों को पानी पीने के लिए दो किलोमीटर की लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। 90 परिवार की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है।
जल निगम ने छह वर्ष पूर्व गांव के लिए सिजला खड्ड से करीब 37 किमी लम्बी पेयजल लाइन का निर्माण किया। संवाई खड्ड से भी गांव तक करीब 2.50 लंबी पेयजल लाइन का निर्माण किया गया। लेकिन दोनों ही लाइनें जगह-जगह से टूटी हुई है। ऐसे में जलस्रोत में पानी का स्तर घटने और लो प्रेशर के चलते इन पाइप लाइनों में पानी नहीं चढ़ पा रहा है। ऐसे में लोगों को दो किमी दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीण सुरेंद्र सिंह चौहान, रमेश सिंह चौहान, केशर सिंह चौहान का कहना है कि शिकायत के बाद भी क्षतिग्रस्त लाइनों की विभागीय अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहा है। लोगों को कपड़े और बर्तन धोने के लिए भी खड्ड की दौड़ लगानी पड़ रही है। मवेशियों को पानी पिलाने के लिए दो किमी दूर खड्ड पर जाना पड़ रहा है। दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा भी खड़ा हो गया है। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके बर्नवाल ने बताया कि मामले में जेई से रिपोर्ट मांगी जाएगी।