कर्णप्रयाग। वित्त विहीन मान्यता प्राप्त स्कूल एसोसिएशन की सोमवार को हुई जिला स्तरीय बैठक में राज्य सरकार की ओर से निजी विद्यालयों पर एनसीईआरटी की पुस्तकों को थोपने पर रोष व्यक्त किया गया। वहीं बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ओर से निजी विद्यालयों में जबरदस्ती पुस्तकों के थोपे जाने से इसका दुष्प्रभाव व्यापारियों और पब्लिकेशन पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते कहा कि सरकार ने जल्द अपने तानाशाही रवैए को समाप्त नहीं किया तो एसोसिएशन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसके अलावा वर्ष 2014 से निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले निर्धन छात्रों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाले शुल्क का भुगतान नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। बैठक में निर्णय लिया कि समस्याओं के निराकरण के लिए एसोसिएशन का शिष्ट मंडल 20 मार्च को गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इस मौके पर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र रमोला, प्रदेश सचिव सीपी गोदियाल, शंकर दत्त घिल्डियाल, मनीष डिमरी, रमेश चंद्र उनियाल, सूर्य प्रकाश, पुष्पेंद्र झिंक्वाण, हरीश नेगी, सुभाष चमोला, जनार्दन चमोली आदि ने विचार व्यक्त किए।