गोपेश्वर। केदारनाथ में निर्माण कार्यों को देखने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बदरीनाथ हाईवे के भूस्खलन क्षेत्रों के ट्रीटमेंट कार्यों का ड्रोन कैमरे की मदद से निरीक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री 28 मार्च को हाईवे के भूस्खलन क्षेत्र पर्थाडीप, मैठाणा, हेलंग, गुलाबकोटी, बिरही और लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। शनिवार को जिलाधिकारी आशीष जोशी ने सीमा सड़क संगठन, एनएच और मेकाफेरी कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बीते शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस में लोनिवि के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने जिले के अधिकारियों को बदरीनाथ हाईवे पर ऑलवेदर रोड परियोजना के कार्य की भली-भांति मॉनेटरिंग करने, मलबे का निस्तारण और कार्य से यातायात को प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाईवे पर पर्थाडीप, मैठाणा, बाजपुर, पागलनाला, हेलंग, गुलाबकोटी, बिरही और लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्रों में चल रहे ट्रीटमेंट कार्य का ड्रोन कैमरे से निरीक्षण करेंगे।
इधर, जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री के ड्रोन कैमरे की मदद से बदरीनाथ हाईवे के भूस्खलन क्षेत्रों के निरीक्षण की लिखित सूचना नहीं मिली है। शासन से मिली मौखिक सूचना के आधार पर एनएच के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे पर मौजूदा समय में आठ भूस्खलन क्षेत्रों में सुधारीकरण कार्य गतिमान है।
80 करोड़ में हो रहा लामबगड़ भूस्खलन का ट्रीटमेंट
बदरीनाथ हाईवे पर सबसे खतरनाक भूस्खलन जोन है लामबगड़। लोनिवि की एनएच इकाई की ओर से वर्ष 2016 के दिसंबर से भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। लामबगड़ भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट के लिए केंद्र सरकार से 80 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। अलकनंदा और चट्टानी भाग पर ट्रीटमेंट कार्य चल रहा है।